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लखनऊ: ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने वाले ‘उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026’ के चौथे संस्करण को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम संदेश जारी किया है। मुख्यमंत्री ने युवाओं, विद्यार्थियों, नवोदित उद्यमियों और व्यापारियों से इस आयोजन का लाभ उठाने तथा प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाने की अपील की है। आधिकारिक UPITS वेबसाइट के मुताबिक चौथा संस्करण 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में आयोजित होगा।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में रोजगार, MSME, एक जनपद-एक उत्पाद यानी ODOP और राज्य के बढ़ते निर्यात का जिक्र करते हुए अपनी सरकार की आर्थिक नीतियों का विवरण दिया। उन्होंने दावा किया कि MSME और ODOP जैसी पहलों के जरिए प्रदेश में चार करोड़ से अधिक रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। यह आंकड़ा मुख्यमंत्री की ओर से प्रस्तुत सरकारी दावा है।
25 से 29 सितंबर तक होगा ट्रेड शो
उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो का चौथा संस्करण ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने जून में इसके चौथे संस्करण की औपचारिक घोषणा की थी।
आयोजन का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के उत्पादों, औद्योगिक क्षमताओं, निवेश संभावनाओं, तकनीक और नवाचार को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और निवेशकों के सामने प्रदर्शित करना है। यह मंच निर्माताओं, निर्यातकों, निवेशकों और खरीदारों को आपस में जोड़ने के लिए तैयार किया गया है।
युवाओं और विद्यार्थियों से जुड़ने की अपील
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों से ट्रेड शो में भाग लेने की अपील की। उनका कहना है कि इस तरह के आयोजनों के जरिए युवाओं को कारोबार, उद्यमिता, तकनीक, नवाचार और वैश्विक बाजार से जुड़ी नई संभावनाओं को समझने का अवसर मिल सकता है।
उन्होंने नवोदित उद्यमियों और व्यापारियों से भी इस मंच का इस्तेमाल अपने उत्पादों और व्यावसायिक संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए करने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने इसे ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ की दिशा में सामूहिक भागीदारी से भी जोड़ा।
रोजगार सृजन को बताया प्राथमिकता
योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में कहा कि उनकी सरकार बनने के बाद रोजगार सृजन को प्राथमिकताओं में रखा गया। उन्होंने उत्तर प्रदेश की पुरानी ‘बीमारू प्रदेश’ वाली छवि का उल्लेख करते हुए दावा किया कि सरकार ने नीतिगत बदलावों और निवेश को प्रोत्साहन देकर राज्य की आर्थिक स्थिति में बदलाव की दिशा में काम किया है।
उन्होंने MSME और ODOP को रोजगार और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने वाली महत्वपूर्ण पहलों के रूप में पेश किया।
मुख्यमंत्री के अनुसार इन पहलों से स्थानीय स्तर पर पारंपरिक उत्पादों को बाजार मिला और छोटे उद्यमों को कारोबार बढ़ाने के अवसर उपलब्ध हुए।
चार करोड़ से ज्यादा रोजगार का दावा
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि MSME और ODOP जैसी पहलों के जरिए उत्तर प्रदेश में चार करोड़ से अधिक रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। इसके साथ उन्होंने प्रदेश के निर्यात और निवेश के आंकड़ों का भी उल्लेख किया।
उनके अनुसार उत्तर प्रदेश का निर्यात दो लाख करोड़ रुपये से अधिक तक पहुंच चुका है और करीब 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव जमीन पर उतारे गए हैं। ये आंकड़े मुख्यमंत्री द्वारा अपने संदेश में दिए गए सरकारी दावे हैं।
ODOP के उत्पादों को मिलेगा वैश्विक मंच
‘एक जनपद-एक उत्पाद’ योजना ट्रेड शो के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है। आधिकारिक आयोजन विवरण में कृषि उत्पाद, टेक्सटाइल, हैंडलूम और हस्तशिल्प सहित ODOP उत्पादों को प्रमुख सेक्टरों में रखा गया है।
ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में बनने वाले पारंपरिक उत्पादों को घरेलू और विदेशी खरीदारों के सामने प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
इससे छोटे उद्यमियों, कारीगरों और निर्माताओं को संभावित खरीदारों तथा कारोबारी भागीदारों के साथ संपर्क स्थापित करने का मंच मिल सकता है।
कई प्रमुख सेक्टर होंगे शामिल
UPITS 2026 में केवल पारंपरिक उद्योग ही नहीं बल्कि आधुनिक तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्रों को भी जगह दी जा रही है।
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आईटी और आईटीईएस, फर्नीचर, पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी, अक्षय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक वाहन, फार्मास्यूटिकल्स, हेल्थकेयर और मेडिकल डिवाइस जैसे सेक्टर भी आयोजन का हिस्सा होंगे।
इसका उद्देश्य प्रदेश की विविध औद्योगिक क्षमताओं को एक ही मंच पर प्रदर्शित करना है।
विदेशी खरीदारों को जोड़ने की तैयारी
ट्रेड शो में अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण रहेगी। Federation of Indian Export Organisations यानी FIEO को Hosted Buyer Programme के तहत अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को जोड़ने के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है।
इस कार्यक्रम के जरिए आयातकों, वितरकों, रिटेल कंपनियों, सोर्सिंग एजेंटों और अन्य कारोबारी प्रतिनिधियों को उत्तर प्रदेश के उद्यमियों से जोड़ने की योजना है।
इससे राज्य के उत्पादों के लिए नए बाजार और निर्यात के अवसर तैयार करने की कोशिश की जाएगी।
पिछले संस्करण में बड़ी भागीदारी
सरकारी प्रचार सामग्री के अनुसार UPITS के 2025 संस्करण में 2,400 से अधिक प्रदर्शक शामिल हुए थे। इसमें 75 से अधिक देशों से 500 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की भागीदारी दर्ज की गई थी। साथ ही 1.5 लाख से अधिक B2B और 4.5 लाख से अधिक B2C विजिट का दावा किया गया है।
चौथे संस्करण में सरकार इस भागीदारी और कारोबारी संपर्क को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
विकसित उत्तर प्रदेश के विजन से जोड़ा आयोजन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम संदेश में ट्रेड शो को केवल व्यापारिक आयोजन तक सीमित नहीं रखा है। उन्होंने युवाओं, विद्यार्थियों, उद्यमियों और कारोबारियों की भागीदारी को प्रदेश के विकास से जोड़ा है।
उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि UPITS स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने, निवेश आकर्षित करने और राज्य को एक प्रमुख सोर्सिंग हब के रूप में स्थापित करने का माध्यम है। आधिकारिक आयोजन वेबसाइट भी इस संस्करण को उत्तर प्रदेश को वैश्विक सोर्सिंग हब के रूप में आगे बढ़ाने की पहल के रूप में प्रस्तुत करती है।
25 से 29 सितंबर तक होने वाले इस पांच दिवसीय आयोजन में अब प्रदेश के उद्योगों, MSME इकाइयों, स्टार्टअप, कारीगरों और निर्यातकों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार के सामने अपनी क्षमताएं प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।





